पटना, नालंदा और खगड़िया में एक साथ कार्रवाई
घर से मिले 13 भूखंडों के कागजात, 6 घंटे जांच

बिहारशरीफ (नालंदा)। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार के ठिकानों पर शुक्रवार को विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई की। विजिलेंस की टीम ने एक साथ पटना, नालंदा और खगड़िया स्थित उनके तीन ठिकानों पर छापेमारी की।संजय कुमार वर्तमान में खगड़िया में पदस्थापित हैं।

6 घंटे चली छापेमारी, घर को किया सील :
सोहसराय थाना क्षेत्र के बॉलीपर स्थित उनके पैतृक आवास पर शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे चार सदस्यीय विजिलेंस टीम पहुंची। उनके साथ स्थानीय पुलिस बल भी मौजूद था। बाद में विजिलेंस डीएसपी विकास श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी भी जांच में शामिल हुए।टीम अपने साथ दस्तावेजों की छायाप्रति के लिए मशीन भी लेकर आई थी। जांच के दौरान पूरे घर की घेराबंदी कर दी गई। जांच पूरी होने तक किसी को अंदर-बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं थी। टीम ने जमीन के कागजात, बैंक पासबुक, लॉकर की चाबियां और विभिन्न वित्तीय संस्थानों में निवेश से जुड़े दस्तावेज खंगाले।

13 भूखंड, नकदी और लाखों के गहने बरामद :
विजिलेंस के अनुसार प्रारंभिक जांच में कार्यपालक अभियंता और उनकी पत्नी के नाम पर करीब 13 भूखंड होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों से नकदी, जमीन-जायदाद के दस्तावेज और आभूषण भी बरामद किए गए हैं।खगड़िया स्थित सरकारी आवास से 81 हजार रुपये नकद बरामद हुए। वहीं बिहारशरीफ के घर से मिले सोने-चांदी के आभूषणों का मूल्यांकन मौके पर कराया गया। श्री ज्वेलर्स के प्रतिनिधि अरुण कुमार ने बताया कि करीब 300 से 350 ग्राम सोना और 250 ग्राम चांदी मिली है। बाजार दर के हिसाब से सोने की कीमत 18 से 18.5 लाख रुपये और चांदी की कीमत लगभग 68 हजार रुपये आंकी गई है।

भाई ने आरोपों को बताया बेबुनियाद :
इस बीच कार्यपालक अभियंता के छोटे भाई इन्द्रदेव कुमार ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि उनके भाई ड्यूटी के कारण खगड़िया में हैं और छापेमारी के समय घर पर मौजूद नहीं थे।फिलहाल विजिलेंस तीनों ठिकानों से बरामद दस्तावेजों और संपत्ति का मिलान कर रही है। विस्तृत जांच के बाद ही घोषित आय और बरामद संपत्ति के बीच का अंतर स्पष्ट हो सकेगा।










