बोलीं रसोइया : हमारी भी पोतियां हुईं बीमार
कार्रवाई की मांग, पुलिस ने संभाला मोर्चा
बिहारशरीफ (नालंदा)। नूरसराय प्रखंड के मध्य विद्यालय परासी में मंगलवार को मध्याह्न भोजन खाने से 34 बच्चे बीमार होने का मामला बुधवार को तूल पकड़ गया। घटना के दूसरे दिन भी गुस्साए ग्रामीण स्कूल परिसर में जमा हो गए और दोषी शिक्षकों और रसोइया पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया।सूचना मिलते ही नूरसराय पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। नूरसराय थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। दोषियों के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्कूल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
बोली रसोइया – साजिशन मिलाया गया कुछ :
स्कूल की रसोइया शारदा देवी ने सफाई देते हुए कहा कि वह पिछले 20 वर्षों से स्कूल में खाना बना रही हैं। आज तक ऐसी शिकायत नहीं आई। उनका कहना है कि मंगलवार को उन्होंने दो पंक्तियों में खाना परोस दिया था। जब वह सब्जी लाने गईं तो कुछ बच्चों ने अतिरिक्त नमक मांगा। उन्होंने नमक के डब्बे से ही नमक निकालकर दिया।”पता नहीं किसने नमक के डब्बे में नमक के साथ कुछ मिला दिया था, जिसे खाकर बच्चे बीमार हुए। मेरे घर के 7 पोते-पोतियां इसी स्कूल में पढ़ते हैं। मेरी पोती अनु और आयुषी भी बेहोश हो गई थीं। भला मैं जानबूझकर अपने ही बच्चों को जहर क्यों दूंगी? – शारदा देवी
ग्रामीणों ने जताई अलग-अलग आशंका :
हंगामा कर रही ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि पहली पंक्ति के बच्चों को कुछ नहीं हुआ। दिक्कत तब हुई जब बाद में बच्चों ने सब्जी में ऊपर से नमक मांगा। आरोप है कि गलती से नमक की जगह डिटर्जेंट पाउडर परोस दिया गया। महिलाओं ने बताया कि खाना बाहर से आया था और वह ठीक था। गड़बड़ी स्कूल स्तर पर नमक के डिब्बे में हुई है।कुछ ग्रामीणों ने इसके पीछे विद्यालय के शिक्षकों की आपसी वैमनस्यता की भी आशंका जताई है।








