औद्योगिक आपूर्ति व व्यावसायिक अवसरों से अवगत
बिहारशरीफ. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सरकारी खरीद व्यवस्था और व्यापक बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से मंगलवार को राजगीर में “राष्ट्रीय क्रय एवं विपणन सहायता कार्यक्रम पर राष्ट्रीय कार्यशाला” का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए एमएसएमई-विकास एवं सुविधा कार्यालय, पटना के सहायक निदेशक घमण्डी लाल मीणा ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि सरकारी क्रय प्रणाली से सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को जोड़ने से उन्हें स्थायी बाजार मिलेगा और व्यवसाय विस्तार के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा. मुख्य अतिथि एवं कार्यालय के निदेशक आरके चौधरी ने उद्यमियों को सरकारी खरीद के अवसरों का लाभ उठाने, उत्पादों की गुणवत्ता एवं मानकों में सुधार करने तथा आधुनिक विपणन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्यमों को व्यापक बाजार मिलने से रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. कार्यशाला में अग्रणी जिला प्रबंधक नालंदा राजीव रंजन जायसवाल ने वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग, ऋण प्रबंधन एवं सरकारी वित्तीय योजनाओं की जानकारी दी. जिला उद्योग केंद्र के उद्योग विस्तार पदाधिकारी अमरेंद्र भूषण प्रसाद ने उद्यमियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और योजनाओं पर प्रकाश डाला. भारतीय डाक भुगतान बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक गोपाल कुमार ने क्यूआर कोड, डिजिटल भुगतान एवं साइबर सुरक्षा की जानकारी दी. आयुध निर्माणी राजगीर के वरिष्ठ प्रबंधक नीरज कुमार ने औद्योगिक आपूर्ति एवं व्यावसायिक अवसरों से अवगत कराया. तकनीकी सत्र में उद्यमिता विकास, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स, पैकेजिंग, निर्यात संवर्धन और उद्यम पंजीकरण पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया. जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक धनजी कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों, शुभम बरला और हरेंद्र ने आयोजन के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.








