ग्रामीण स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन रुका, सितंबर से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

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बायोमेट्रिक मशीन नहीं लगने से मानदेय स्थगित

संघ ने सिविल सर्जन को दिया अल्टीमेटम

बिहारशरीफ (नालंदा). ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन व मानदेय भुगतान नहीं होने से आक्रोश बढ़ गया है. बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, जिला शाखा नालंदा ने इसको लेकर सिविल सर्जन को पत्र सौंपा है. संघ के जिला मंत्री संजय कुमार द्वारा मंगलवार को दिये गये पत्र में कहा गया है कि प्रखंड मुख्यालयों में बायोमेट्रिक हाजिरी के आधार पर भुगतान हो रहा है. लेकिन ग्रामीण स्वास्थ्य उपकेंद्रों और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महिला कर्मियों की कार्य प्रकृति को देखते हुए पंचायत सरकार भवन में हाजिरी बनाने की प्रथा पर रोक लगाकर उपकेंद्रों पर ही मशीन लगाने की मांग बीते 18 अगस्त को की गई थी. अब तक मशीनें अधिष्ठापित नहीं होने से इन कर्मियों का वेतन स्थगित है, जिससे आर्थिक तंगी और भुखमरी की स्थिति है. संघ ने मांग की है कि पंचायत स्तर पर शीघ्र बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाए और तब तक उपस्थिति पंजी के आधार पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए. अन्यथा सितंबर 2026 में किसी भी दिन से ”वेतन नहीं तो कार्य नहीं” के तर्ज पर जिंदा रहने के लिए हाजिरी बनाकर सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा, जिसकी पूरी जवाबदेही स्वास्थ्य विभाग की होगी. संघ के जिला मंत्री संजय कुमार ने कहा कि इन मांगों को लेकर पूर्व में भी धरना प्रदर्शन किया जा चुका है. लेकिन अब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया गया है. इससे स्वास्थ्य कर्मियों में बड़ी नाराजगी है.

Shubham Singh
Author: Shubham Singh

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