राशन कार्ड के लिए अधिक आवेदन की अपील
एक ही छत के नीचे मिलीं विभागों की सेवाएं
बिहारशरीफ (नालंदा)। बिहार सरकार की जनहितकारी पहल अब ग्रामीणों की दहलीज तक पहुंच रही है। नालंदा जिले में पंचायत स्तर पर लग रहे सहयोग शिविरों को आमजन का भरपूर समर्थन मिल रहा है। इन शिविरों में एक ही स्थान पर सभी विभागों की सेवाएं व योजनाओं का लाभ मिलने से ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान हो रहा है।इसी क्रम में सोमवार को जिला पदाधिकारी उदिता सिंह एवं पुलिस अधीक्षक भारत सोनी की संयुक्त अध्यक्षता में बिहारशरीफ प्रखंड की तुंगी एवं पलटपुरा पंचायतों में सहयोग शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साह से भाग लिया। विभिन्न विभागों ने सहायता काउंटर लगाकर आवेदन लिए और पात्र लाभुकों को तत्काल सेवाएं दीं।

तुंगी पंचायत: 31 आवेदनों का त्वरित समाधान
तुंगी पंचायत में कुल 31 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें कृषि विभाग के 5, बिहारशरीफ अंचल के 4, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के 4, मनरेगा के 6, ग्रामीण आवास के 5, पंचायत विभाग के 2, श्रम विभाग का 1 तथा लोहिया विभाग के 4 आवेदन शामिल थे। सभी आवेदनों का संबंधित विभागों ने शिविर स्थल पर ही निष्पादन कर लाभुकों को जानकारी दी।
पलटपुरा पंचायत: 40 आवेदनों का निपटारा
पलटपुरा पंचायत में लगे शिविर में कुल 40 आवेदन आए। इनमें कृषि विभाग के 8, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के 7, मनरेगा के 4, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के 5, बिहारशरीफ अंचल के 5, पंचायत विभाग का 1, लोहिया विभाग के 3 तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के 7 आवेदन थे। सभी का मौके पर ही समाधान किया गया।

नए राशन कार्ड के लिए डीएम की अपील
जिला पदाधिकारी ने पात्र परिवारों से नए राशन कार्ड के लिए अधिक से अधिक आवेदन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि कोई भी पात्र परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित न रहे। जिनका राशन कार्ड नहीं बना है या नाम सूची में नहीं है, वे जरूरी कागजात के साथ शिविर में आवेदन करें।
साइबर अपराध से रहें सावधान: एसपी
पुलिस अधीक्षक ने लोगों को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव की जानकारी दी। उन्होंने अपील की कि बैंक खाता, एटीएम/डेबिट-क्रेडिट कार्ड, आधार, पैन, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। बैंक या सरकारी संस्था कभी भी फोन पर ये जानकारी नहीं मांगती। शिविर में आए लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे सुशासन को मजबूत करने वाला कदम बताया।









