राजगीर में 5 जिलों के BLOs के साथ सीधी बातचीत
नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक विरासत की प्रशंसा

रणजीत सिंह, बिहारशरीफ (नालंदा)।
भारत निर्वाचन आयोग के माननीय मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को नालंदा विश्वविद्यालय, राजगीर स्थित सुषमा स्वराज ऑडिटोरियम में नालंदा, गया, नवादा, जहानाबाद एवं शेखपुरा जिलों के बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के साथ संवाद कार्यक्रम में भाग लिया।

BLO ही निर्वाचन की नींव – CEC :
कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने BLOs से सीधे संवाद करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में उनकी भूमिका, अनुभव और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि BLO निर्वाचन प्रक्रिया की नींव हैं। शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची के निर्माण में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। CEC ने वर्ष 2025 में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के दौरान BLOs द्वारा दिखाए गए समर्पण की सराहना की।

उन्होंने कहा कि BLOs की मेहनत के कारण ही मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और त्रुटिरहित बनाया जा सका। साथ ही विधानसभा आम निर्वाचन 2025 में बिहार में मतदान प्रतिशत पिछले सभी चुनावों की तुलना में सर्वाधिक रहा, जिसमें BLOs का योगदान सराहनीय रहा।

समस्याएं और सुझाव भी सुने :
संवाद के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने BLOs के कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभव, समस्याएं और सुझाव भी सुने। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सहभागी बनाने के लिए BLOs के विचार महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सभी को मतदाताओं से बेहतर संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।

नालंदा की विरासत की भी प्रशंसा :
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में CEC ने नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक एवं गौरवशाली विरासत की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नालंदा को देखकर लगता है कि हजारों वर्ष पहले बिहार का ज्ञान कितना समृद्ध रहा होगा। यहां आना मेरे लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर बिहार के CEO विनोद कुमार गुंजियाल, अपर CEO माधव कुमार सिंह, DM-सह-DEO उदिता सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। अंत में DM द्वारा CEC को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।










