साइबर ठगी के लिए रची साजिश,कमीशन पर दिया बैंक खाता
छपरा कचहरी से बरामद हुआ ‘अपहृत’ शिव कुमार वर्मा
बिहारशरीफ (नालंदा)। नालंदा पुलिस ने फर्जी अपहरण व फिरौती मांगने के एक संगीन मामले का 48 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन करते हुए कथित अपहृत समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी वारदात साइबर ठगी से जुड़े गिरोह द्वारा रची गई सुनियोजित साजिश निकली। छापेमारी टीम में पुलिस निरीक्षक सुमंत कुमार, थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार कुशवाहा, पुअनि आदित्य कुमार, पुअनि मुकुंद भारती व सशस्त्र बल, कतरीसराय थाना।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर पैसे न भेजें और साइबर ठगी से सावधान रहें।
एक नजर में समझें पूरा मामला :
बीते 21 जुलाई को चंदन कुमार वर्मा, निवासी अहियाचक, थाना कतरीसराय ने थाने में आवेदन दिया कि उनका छोटा भाई शिव कुमार वर्मा सुबह पटना दवाई लाने की बात कहकर घर से निकला था, पर शाम तक वापस नहीं आया। काफी खोजबीन के बाद भी पता नहीं चला। उसी रात करीब 12:45 बजे वादी के मोबाइल पर वॉट्सऐप कॉल आया कि उसका भाई साइबर थाना द्वारा पकड़ा गया है और छोड़ने के लिए 2.5 लाख रुपये की मांग की गई। परिजनों ने डर के मारे बताए गए खाते में 2.5 लाख रुपये भेज दिए। इस संबंध में कतरीसराय थाना कांड सं0-354/26, धारा-140(2) भारतीय न्याय संहिता दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
कैसे हुआ पूरे मामला का खुलासा :
सूचना पर पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, राजगीर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच में पता चला कि यह अपहरण का मामला नहीं था बल्कि खुद कथित अपहृत शिव कुमार वर्मा साइबर ठगी गिरोह के संपर्क में था। उसने 6 प्रतिशत कमीशन के बदले अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। तकनीकी व मानवीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने शिव कुमार वर्मा को छपरा कचहरी से सकुशल बरामद कर लिया। उसकी निशानदेही पर तीन अभियुक्तों — सुधीर कुमार 36 वर्ष लहेरी, जितेंद्र कुमार 27 वर्ष धनरुआ पटना और अनुपम कुमार 41 वर्ष खगड़िया को गिरफ्तार किया गया। अनुपम वर्तमान में दानापुर, पटना में रह रहा था। अन्य संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।









