बिहारशरीफ में कचरे के ढेर से बेहाल शहर : सफाई कर्मियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी, 250 टन कचरा उठाव ठप

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-51 वार्डों में कूड़ा प्वाइंट पर लगे अंबार, बदबू से लोगों का जीना दूभर

-डेंगू-मलेरिया का बढ़ा खतरा, 1300 कर्मी 3 सूत्री मांगों को ले धरने पर अड़े

– यूनियन ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, गलियो से लेकर सड़क पर कचरा

बिहारशरीफ (नालंदा). नगर निगम के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल रविवार को चौथे दिन भी जारी रही. गुरुवार से शुरू हुई इस हड़ताल के कारण पूरे शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. नतीजतन शहर की सड़कों, गलियों और मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए हैं और दुर्गंध से आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. इधर, स्वास्थ्य विभाग की मानें तो गंदगी से बरसातजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में देखें तो अगर जल्द कचरा नहीं उठा तो डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा. शहर में गंदगी बढ़ने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा है. लेकिन अब तक नगर निगम प्रशासन द्वारा कचरा उठाव के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द वार्ता कर समस्या का समाधान निकाले, वरना स्थिति और बिगड़ सकती है.

कचरे से पट गया पूरा शहर, फैल रही दुर्गंध :

बिहारशरीफ नगर निगम के 51 वार्डों में रोजाना लगभग 250 टन कचरा उठता था. लेकिन हड़ताल की वजह से पिछले चार दिनों से एक भी गाड़ी कूड़ा उठाने नहीं निकली. नगर निगम के हर वार्ड में बनाए गए कूड़ा प्वाइंट अब कचरे के पहाड़ में तब्दील हो गए हैं. अनुमान है कि शहर में 1000 टन से अधिक कचरा बिखरा पड़ा है. बरसात के मौसम में यह कचरा सड़कर भयंकर बदबू फैला रहा है. कई जगहों पर नालियां जाम हो गई हैं और जलजमाव की स्थिति बन गई है. कमरूद्दीनगंज बाजार के दुकानदार सुनील कुमार, वुल्लक कुआं निवासी संजीव कुमार उर्फ सन्नी, धनेश्वर घाट के शैलेंद्र कुमार और शिक्षक कॉलोनी के शशि भूषण प्रसाद ने बताया कि चार दिनों से घर से कचरा लेने कोई नहीं आ रहा है. हर तरफ कचरा ही कचरा है. नाक पर रूमाल रखकर निकलना पड़ रहा है. बीमारी फैलने का डर सताने लगा है.

धरने पर 1300 सफाईकर्मी, सरकार पर फूटा गुस्सा :

बिहार लोकल बॉडीज इम्पलाइज फेडरेशन और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के संयुक्त आह्वान पर निगम के करीब 1300 सफाईकर्मी नगर निगम के मुख्य द्वार पर विशाल धरने पर बैठे हैं. यूनियन के उपाध्यक्ष करण कुमार ने कहा कि हम भूखे-प्यासे यहां बैठे रहेंगे. एक तरफ प्रधानमंत्री हमें भगवान कहते हैं, दूसरी तरफ 300-400 रुपये रोज कमाने वाले मजदूरों को सरकार ने सड़क पर बैठा दिया है. सरकार को जनता के स्वास्थ्य की भी परवाह नहीं है. संगठन के प्रतिनिधि मनोज रविदास ने साफ कहा कि यह आंदोलन अनिश्चितकालीन है. चाहे एक महीना लगे, पीछे नहीं हटेंगे. अभी हम शांतिपूर्ण हैं. अगर निगम या पुलिस ने प्रताड़ित करने की कोशिश की तो आंदोलन उग्र रूप लेगा.
सफाई कर्मियों की यह है तीन सूत्री मांग :

1. सफाईकर्मियों का स्थायीकरण किया जाए

2. समान काम का समान वेतन दिया जाए
3. ठेका प्रथा को समाप्त किया जाए

Shubham Singh
Author: Shubham Singh

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