— पुरानी पेंशन और नियमितीकरण की मांग उठी
–सरकार ने अनदेखी की तो चलेगा बड़ा आंदोलन
बिहारशरीफ (नालंदा). बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सोमवार को समाहरणालय के समक्ष नियमित एवं संविदा कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने 31 सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी नालंदा को सौंपा. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विभिन्न संघों के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए और सरकार से कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की.प्रदर्शनकारियों ने मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्य सचिव, बिहार सरकार, पटना अराजपत्रित कर्मचारियों की समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द समाधान करेंगे.
रिक्त पदों पर ठेका-संविदा व्यवस्था पर नाराजगी :
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए महासंघ, नालंदा के जिलाध्यक्ष जयवर्धन ने कहा कि बिहार राज्य में कर्मचारी और शिक्षकों के लाखों पद रिक्त पड़े हैं. लेकिन सरकार इन पदों पर स्थायी बहाली करने के बजाय ठेका, संविदा, आउटसोर्सिंग और पीपीपी मोड की व्यवस्था लागू कर रही है. इससे कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में चला गया है. उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग पेंशन रूपी सामाजिक सुरक्षा को लगातार नजरअंदाज कर रही है. इसी के विरोध में महासंघ ने चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है.
पुरानी पेंशन लागू एवं नियमितीकरण करने की मांग :
धरना को संबोधित करते हुए महासंघ के जिला मंत्री संजय कुमार ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी न करे. उन्होंने महासंघ की प्रमुख मांगों को गिनाते हुए कहा कि पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए, सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए, सभी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में रिक्त पदों पर तत्काल बहाली हो. अन्य प्रमुख मांगों में 8 वें वेतन आयोग का लाभ समय पर देना, राज्याधीन सेवाओं के अंतर्गत सभी पदों पर प्रोन्नति का लाभ देना, विभिन्न संघों के शिष्टमंडल और सरकार के बीच हुए समझौतों के बिंदुओं को लागू करना, पंचायत स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को बायोमैट्रिक उपस्थिति की बाध्यता से मुक्त करना शामिल हैं.

सौंपा गया मांग पत्र, समाधान की उम्मीद :
प्रदर्शन में सहायक जिला मंत्री अरविंद कुमार, कोषाध्यक्ष धीरज कुमार, संयोजिका ज्योति सिंह, संयुक्त मंत्री विनोद कुमार, चिकित्सा संघ के जिलाध्यक्ष नदीम, सिंचाई संघ के जिला मंत्री कुमोद कुमार सिंह, शिक्षा संघ के जिला मंत्री विपिन कुमार, संविदा संघ के अनंत कुमार सहित कुमार अमित, कल्पना कुमारी, निर्मला कुमारी, सुलेखा कुमारी, शैलजा वर्मा, आशा कुमारी समेत दर्जनों कर्मचारी शामिल थे.









