छात्रों के संसद मार्च के समर्थन में जुलूस एवं सभा
पेपर लीक और शिक्षा में भ्रष्टाचार पर तीखा हमला
बिहारशरीफ (नालंदा)। पेपर लीक और शिक्षा-परीक्षा में बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र-युवाओं के संसद मार्च के समर्थन में सोमवार को नालंदा में जोरदार विरोध मार्च निकाला गया। भाकपा माले, AISA और RYA के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर निकले इस मार्च में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग बुलंद की गई। दिल्ली में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, AISA नेता मनीष, आमीन और शिक्षाविद सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से आमरण अनशन पर हैं। उन्हीं के समर्थन में देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए। नालंदा में मार्च की शुरुआत भाकपा माले कार्यालय कमरुद्दीन गंज से हुई, जो LIC, सरकारी बस स्टैंड होते हुए अस्पताल चौराहा पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और आम नागरिक शामिल हुए। मार्च का नेतृत्व माले जिला सचिव श्रीनिवास शर्मा, RYA जिलाध्यक्ष बिरेश कुमार, महेन्द्र राम, ऐपवा नेत्री रेनु देवी, गिरिजा देवी, सुनिल कुमार, सरफराज, सत्येंद्र रविदास, रामप्रीत केवट, सुभाष शर्मा, श्रवण सिंह, सुदर्शन मिश्रा समेत कई नेताओं ने किया।
पेपर लीक और शिक्षा में भ्रष्टाचार पर तीखा हमला
सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव श्रीनिवास शर्मा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मोदी सरकार NEP 2020 के जरिए शिक्षा का निजीकरण कर गरीब, दलित, पिछड़े और आदिवासी छात्रों को बाहर करने की साजिश कर रही है। जंतर-मंतर पर बैठे छात्रों की आवाज को दबाने के लिए सरकार तानाशाही पर उतर आई है।
आंदोलनकारियों की यह सभी प्रमुख मांगे
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए, पेपर लीक पर रोक लगे, NTA को भंग किया जाए, NEP 2020 रद्द हो, शिक्षा का बजट GDP का 10% किया जाए और सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगे। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएंगी, आंदोलन और तेज होगा।









