शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, एनटीए भंग की मांग
मोदी राज में 152 बार हुआ पेपर लीक: वीरेश कुमार
बिहारशरीफ (नालंदा)। पटना-दिल्ली में छात्र-युवाओं के आंदोलन पर पुलिसिया दमन, फर्जी मुकदमों को खारिज करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा देने और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर 25 जुलाई को आहूत बिहार बंद को सफल बनाने के लिए आइसा और आरवाईए ने कमर कस ली है। इस दौरान बिहारशरीफ नगर के विभिन्न चौक-चौराहों व मोहल्लों में नुक्कड़ सभाएं कर छात्र-युवा संगठनों ने आम लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की। नुक्कड़ सभाओं को आरवाईए के जिलाध्यक्ष कामरेड बिरेश कुमार, युवा नेता कामरेड राजेश रविदास, कामरेड सुनील कुमार, कामरेड फस्सीउद्दीन समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार में अब तक 152 से ज्यादा बार पेपर लीक हो चुका है। शिक्षा, परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह माफियाओं के हवाले कर दी गई है। आरोप लगाया कि पेपर लीक के असली कर्ता-धर्ता धर्मेंद्र प्रधान ही हैं और एनटीए अब ‘पेपर लीक एजेंसी’ बन गया है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर सरकार बर्बर दमन कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक छात्र-युवाओं का आंदोलन जारी रहेगा। संगठनों ने 25 जुलाई को बिहार बंद को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।









