बिहारशरीफ (नालंदा).हिलसा व्यवहार न्यायालय के प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार पाण्डेय ने सोमवार को करीब 16 वर्ष पुराने बलात्कार के मामले की सुनवाई करते हुए एक आरोपी को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाया है. मामला चंडी थाना क्षेत्र के माधोपुर डीह गांव का है. प्रभारी अपर लोक अभियोजन राजाराम सिंह के अनुसार, 21 मई 2010 को ओझाई के बहाने एक महिला को रात्रि 12 बजे गांव के बधार (खेत) में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया गया था. घटना के बाद पीड़िता के बयान पर चंडी थाना कांड संख्या 109/2010 के तहत रूपचंद पासवान के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. इस मामले की सुनवाई सत्र वाद संख्या 124/2011 के तहत हिलसा व्यवहार न्यायालय में चल रही थी. अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों एवं अनुसंधानकर्ता द्वारा न्यायालय में उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने नामजद अभियुक्त रूपचंद पासवान को धारा 376 आईपीसी के अंतर्गत दोषी पाए जाने के बाद अदालत ने सोमवार को बलात्कार के मामले में 10 साल की सश्रम कारावास की सजा के साथ 50 हजार रुपया का अर्थदंड लगाया है. अर्थ दंड नही देने पर दस माह की अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी.










