डीएम उदिता सिंह ने स्थल का किया निरीक्षण
पर्यटन, रोजगार और सांस्कृतिक विकास पर फोकस
बिहारशरीफ. नालंदा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को संवारने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू की है. जिलाधिकारी उदिता सिंह ने शनिवार को नालंदा नगर पंचायत अंतर्गत बड़गांव छठ घाट और प्रस्तावित ‘नालंदा हाट’ स्थल का निरीक्षण किया. निरीक्षण में अपर समाहर्ता, विशेष कार्य पदाधिकारी, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी समेत कई अधिकारी मौजूद थे.
बड़गांव छठ घाट का होगा कायाकल्प :
डीएम उदिता सिंह ने बड़गांव छठ घाट के जीर्णोद्धार कार्य का जायजा लिया. स्थानीय लोगों ने बताया कि कार्तिक और चैती छठ पर यहां हजारों श्रद्धालु भगवान भास्कर को अर्घ्य देने आते हैं. डीएम ने कहा कि छठ बिहार की आस्था का महापर्व है, इसलिए श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक माहौल देना प्राथमिकता है. घाट के जीर्णोद्धार से स्थानीय और दूर-दराज के श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिलेगी.
मिथिला हाट की तर्ज पर ‘नालंदा हाट’ :
डीएम ने प्रस्तावित नालंदा हाट स्थल का भी निरीक्षण किया. यह हाट स्थानीय कला, शिल्प, हस्तशिल्प और लोक संस्कृति को बढ़ावा देगा. यहां कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को उत्पाद बेचने का मंच मिलेगा, जिससे रोजगार बढ़ेगा. इससे लोगों में खुशी देखी जा रही है. पर्यटक भी नालंदा हाट का भविष्य में जल्द दीदार कर सकेंगे. खास बात यह है कि हाट खुल जाने से इससे जुड़े लोगों को व्यवसाय का बेहतर प्लेटफॉर्म मिल जायेगा.
पर्यटन सर्किट से जुड़ेगा नालंदा हाट :
ह्वेनसांग मेमोरियल के पास पहुंच पथ को चौड़ा किया जा रहा है, ताकि पर्यटक एक ही रूट पर नालंदा महाविहार, ह्वेनसांग मेमोरियल, सूर्य मंदिर, बड़गांव तालाब और नालंदा हाट तक आसानी से पहुंच सकें. कुंडलपुर, कमल सरोवर और पुष्करणी तालाब को भी पर्यटन और इको-टूरिज्म से जोड़ा जाएगा. कमल सरोवर में 235 प्रजातियों के पक्षी आते हैं, जिसे बर्ड वॉचिंग सेंटर बनाया जाएगा. डीएम ने सड़क, लाइट, पार्किंग, पेयजल, शौचालय और सौंदर्यीकरण का काम तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया. पुष्करणी तालाब में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना भी है.









