नालंदा में 20 मीट्रिक टन दही-लस्सी प्लांट का शिलान्यास
नालंदा बनेगा बिहार का प्रमुख डेयरी प्रोसेसिंग केंद्र

बिहारशरीफ (रणजीत- MOb. 8789449308)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को नालंदा जिले को डेयरी के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी। बिहारशरीफ डेयरी परियोजना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले दही एवं लस्सी प्लांट, कॉम्फेड द्वारा संचालित एचपीसीएल पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 300 खुदरा विक्रेताओं के बीच डीप फ्रीजर का वितरण किया, पशु उठाव एवं परिवहन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा पशुपालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री श्री विजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार तथा डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री श्री नन्द किशोर राम ने भी संबोधित किया।

बिहार में डेयरी क्रांति की नई नींव :
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रतिदिन 1 करोड़ लीटर दूध उत्पादन करना है। इसके लिए पशुपालकों को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण, उन्नत नस्ल, पशु स्वास्थ्य सुविधा और मजबूत डेयरी अवसंरचना उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा को बिहार का प्रमुख दुग्ध उत्पादन एवं डेयरी प्रोसेसिंग केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के कुल दुग्ध उत्पादन में बिहार का हिस्सा 25 प्रतिशत है। दुग्ध क्षेत्र में नई क्रांति से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बिहार की मजबूत नींव रखी जाएगी।

सुधा को मिलेगी वैश्विक पहचान :
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बिहार सरकार का लक्ष्य केवल राज्य की जरूरतें पूरी करना नहीं, बल्कि ‘सुधा’ ब्रांड को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है। गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक, मूल्य संवर्धन और निर्यात क्षमता बढ़ाकर बिहार के दुग्ध उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जाएगा। राज्य में 2500 नई समितियों का गठन किया गया है और 200 जगहों पर सुधा के नए आउटलेट खोले जाएंगे।

पशुपालकों के लिए अन्य घोषणाएं =
बकरी पालन को बढ़ावा: बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए अलग से फेडरेशन बनेगा। इससे जुड़े लाखों ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं की आय बढ़ेगी।
पशु स्वास्थ्य सुविधाएं: राज्य के प्रत्येक प्रखंड में प्रधानमंत्री पशु जन औषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सभी प्रखंडों में पशु दवा उपलब्ध कराने को लेकर 1000 केंद्र बनेंगे।
ग्रामीण हाट: सभी गांवों में उपलब्ध सरकारी जमीन पर ग्रामीण हाट लगाए जाएंगे, जहां दूध, सब्जी और मछली की बिक्री होगी।

कार्यक्रम में इन सभी की रही उपस्थिति
पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, सांसद कौशलेन्द्र कुमार, अस्थावां विधायक डॉ. जितेंद्र कुमार, पूर्व विधायक एवं जदयू के राष्ट्रीय महासचिव इंजीनियर सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, कॉम्फेड के अधिकारी, अमरेंद्र कुमार मुन्ना, जदयू भवानी सिंह, जिलाधिकारी उदिता सिंह, एसपी भारत सोनी व कई प्रशासनिक पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, दुग्ध उत्पादक किसान एवं जीविका दीदियां उपस्थित थी।









