डीएम उदिता सिंह ने किया स्थलीय निरीक्षण
फूड प्रोसेसिंग व एमएसएमई इकाइयों को जगह
बिहारशरीफ। जिले में औद्योगिक विकास को नई गति देने और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नालंदा प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह ने शुक्रवार को इस्लामपुर प्रखंड के ब्रह्मगावां में प्रस्तावित विशाल औद्योगिक क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी उदिता सिंह ने कहा कि ब्रह्मगावां का यह औद्योगिक क्षेत्र नालंदा को राज्य के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। यह न सिर्फ निवेश को आकर्षित करेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत आधार भी बनेगा।
564 एकड़ में बसेगा इंडस्ट्रियल पार्क :
प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र 564 एकड़ में फैला होगा। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। प्रशासन का मानना है कि यह इंडस्ट्रियल एरिया नालंदा जिले के आर्थिक ढांचे को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा।
ग्रामीणों से सीधा संवाद, दिया भरोसा :
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थानीय ग्रामीणों और किसानों से सीधे बातचीत की। उन्होंने परियोजना के लाभ बताए और लोगों के सुझाव भी सुने। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि इस क्षेत्र के विकास से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा और जमीन अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
किस तरह की इकाइयां लगेंगी
फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स: कृषि-प्रधान जिला होने के कारण स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के लिए खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित होंगी।
जनरल फैब्रिकेशन यूनिट्स: छोटे और मध्यम स्तर के तकनीकी व निर्माण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए फैब्रिकेशन और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के लिए विशेष जोन बनेगा।
एमएसएमई क्लस्टर: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित कर उन्हें यहां जमीन और सुविधाएं दी जाएंगी।
परियोजना से होंगे ये बड़े फायदे :
1. रोजगार के नए द्वार: औद्योगिक क्षेत्र के पूरी तरह चालू होने पर हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इससे पलायन पर रोक लगेगी।
2. किसानों की आय बढ़ेगी: फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के कारण किसानों को अपनी फसल का बेहतर और उचित दाम मिलेगा।
2. आधारभूत ढांचे का विस्तार: औद्योगिक पार्क के साथ आसपास सड़कों, बिजली, पानी और परिवहन जैसी आधुनिक सुविधाएं तेजी से विकसित होंगी।









