सूझबूझ से बची जान, सभी खतरे से बाहर
मंत्री श्रवण कुमार पहुंचे अस्पताल, जांच के आदेश
बिहारशरीफ (नालंदा)। जिले के नूरसराय प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय परासी में मंगलवार को मध्यान भोजन खाने के बाद लगभग दो दर्जन छात्र-छात्राएं अचानक बीमार हो गईं। भोजन के कुछ देर बाद बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने लगे। कुछ बच्चे बेहोश होकर गिर भी पड़े। प्रधानाध्यापक के अनुसार स्कूल में एकता फाउंडेशन नगरनौसा द्वारा MDM का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। पहली पंगत में कुछ बच्चों ने अतिरिक्त नमक मांगा था। रसोइया ने गलती से नमक की जगह डिटर्जेंट पाउडर दे दिया, जिसे खाने से बच्चों की तबीयत बिगड़ी।

समय पर इलाज से टला बड़ा हादसा :
घटना की जानकारी मिलते ही प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार सिंह और अन्य शिक्षकों ने तुरंत बच्चों को नमक मिला गर्म पानी पिलाया और उन्हें डेंटल कॉलेज ले गए। वहां से चिकित्सकों ने स्थिति को गंभीर देखते हुए सभी को मॉडल अस्पताल बिहारशरीफ रेफर कर दिया। कुछ अभिभावक बच्चों को नूरसराय के निजी अस्पताल भी ले गए। शिक्षकों की त्वरित कार्रवाई से सभी बच्चों को समय पर इलाज मिल गया। अस्पताल प्रशासन ने सभी बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर बताई है।घटना की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र और DPO माध्यमिक शिक्षा स्कूल पहुंचे। बाद में वे भी मॉडल अस्पताल पहुंचकर बीमार बच्चों से मिले। बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण भी बच्चों की चिंता में अस्पताल पहुंचे थे।

मंत्री ने लिया जायजा, जांच के आदेश :
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार भी मॉडल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूलों में MDM का औचक निरीक्षण करने तथा रसोइयों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। DEO हेमचंद्र ने कहा कि मामला गंभीर है। भोजन का सैंपल जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।









