–860 पशु चिकित्सकों ने किया मतदान
-अध्यक्ष पद पर 595 मतों से बड़ी जीत दर्ज
-नई कार्यकारिणी ने DACP और सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग सरकार तक पहुंचाने का किया संकल्प
पटना ( बिहार )। बिहार पशु चिकित्सा संघ का त्रिवार्षिक चुनाव रविवार को पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना परिसर में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हुआ। चुनाव में राज्यभर से आए 860 पशु चिकित्सकों ने उत्साह के साथ मतदान किया। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चला।
चुनाव समिति के अध्यक्ष डॉ. ओबेदुल्ला ने बताया कि विधि-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दूर-दराज से आए सदस्यों के लिए भोजन और जलपान की व्यवस्था न्यूट्रीवेट फार्मास्यूटिकल्स सहित अन्य पशु औषधि कंपनियों के सहयोग से की गई। चुनाव में सेवानिवृत्त वरिष्ठ पशु चिकित्सकों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।

डॉ. मुक्ता को मिली प्रचंड जीत :
संघ के सात प्रमुख पदों के लिए हुए चुनाव में अध्यक्ष पद पर डॉ. विनोद कुमार मुक्ता ने 595 मत हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंद्वी डॉ. संजय कुमार को 170 और डॉ. अंशु कुमार को 92 मत मिले।
महासचिव पद पर डॉ. प्रभात कुमार 412 मत पाकर निर्वाचित हुए, जबकि डॉ. उदय कुमार को 281 मत मिले। कोषाध्यक्ष पद पर डॉ. पंकज कुमा ने 475 मतों के साथ जीत हासिल की।
कार्यकारिणी समिति के चार पदों पर डॉ. चंद्रमौलेश कुमार, डॉ. अमलेश कुमार, डॉ. पवन कुमार और डॉ. उपेंद्र कुमार चौधरी सर्वाधिक मत पाकर चुने गए।
एकजुटता और पारदर्शिता का वादा :
नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार मुक्ता ने सभी मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा, “यह जनादेश संगठन की एकजुटता और पशु चिकित्सकों के विश्वास का प्रतीक है। नई कार्यकारिणी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ मान-सम्मान, विभागीय पदोन्नति और कैडर पुनर्गठन जैसी लंबित मांगों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएगी।
सदस्यों ने नई टीम से डायनेमिक एश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेशन (DACP) योजना लागू कराने और पशु चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु चिकित्सकों के समान करने की लंबित घोषणा के क्रियान्वयन की अपेक्षा भी जताई। चुनाव समिति ने कहा कि यह चुनाव संघ की लोकतांत्रिक परंपरा, संगठनात्मक एकता और पेशेवर गरिमा का उत्कृष्ट उदाहरण बना।









