राजगीर के ऐतिहासिक गर्म जलकुंडों पर संकट, सूखते झरनों पर सरकार सतर्क

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 मंत्री श्रवण कुमार बोले- होगी वैज्ञानिक जांच, दोषी पर कार्रवाई

बिहारशरीफ। विश्व प्रसिद्ध गर्म जलकुंडों के घटते जलस्तर और सूखते झरनों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण विकास व सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने सोमवार को ब्रह्मकुंड क्षेत्र का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और इसे राज्य की अमूल्य प्राकृतिक व सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ा गंभीर विषय बताया।

वैज्ञानिक जांच के निर्देश :
मंत्री ने कहा कि कुंडों और झरनों का जलस्रोत आखिर किन कारणों से प्रभावित हो रहा है, इसकी विशेषज्ञों से वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। वास्तविक कारणों का पता लगाकर स्थायी समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने सप्तऋषि कुंड सहित विभिन्न कुंडों और झरनों की स्थिति देखी और स्थानीय लोगों से जानकारी ली।

भेलवाडोभ तालाब की उड़ाही पर विचार :
पंडा कमेटी के सदस्यों ने बैभारगिरि के पांचवें पहाड़ पर स्थित भेलवाडोभ तालाब की उड़ाही की मांग रखी। मंत्री ने कहा कि यदि तालाब की सफाई और गहरीकरण से जलस्रोत पुनर्जीवित होते हैं तो इस दिशा में पहल की जाएगी। मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि कुछ स्थानों पर बोरिंग से गर्म पानी निकलने की सूचना मिली है। जांच में यदि पाया गया कि ऐसी बोरिंग से प्राकृतिक जलधाराओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, तो दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

कम वर्षा भी बड़ा कारण :
मंत्री ने कहा कि पूर्व में भी कम बारिश से कुंडों में जलप्रवाह घटा है। इस साल भी सामान्य से कम वर्षा के कारण कई धाराओं में पानी घट गया है या प्रवाह रुक गया है। सरकार राजगीर की ऐतिहासिक पहचान बचाने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। निरीक्षण में पूर्व वार्ड पार्षद सूर्यदेव कुमार, मुन्ना कुमार, अजीत व बाल्मीकि उपाध्याय समेत कई लोग मौजूद थे।

Public Tail
Author: Public Tail

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